PM Fasal Bima Yojana में मिला कम मुआवज़ा? अब चुप मत रहिए, ऐसे पाएं पूरा हक़

Written by: Nitin

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PM Fasal Bima Yojana: खेती सिर्फ मेहनत का काम नहीं, बल्कि एक किसान के जीवन का सपना होती है। जब वही सपना किसी प्राकृतिक आपदा, सूखा या अनियमित बारिश की वजह से बर्बाद हो जाए, तो मन टूट जाता है। ऐसे वक्त में एक ही आसरा बचता है—प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जो इस मुश्किल घड़ी में किसानों के नुकसान की भरपाई करने का वादा करती है। लेकिन जब उम्मीद के मुताबिक मुआवज़ा भी कम मिले, तो सवाल उठना लाज़मी है।

मध्यप्रदेश के खंडवा ज़िले के एक किसान की कहानी आज कई किसानों की सच्चाई को सामने लाती है। उन्होंने 2024 की खरीफ फसल के लिए करीब ₹30,000 का प्रीमियम भरा, लेकिन जब नुकसान हुआ और दावा किया गया, तो बीमा कंपनी से सिर्फ ₹1274 की राशि उनके खाते में आई। किसान ने बताया कि उसने 21 एकड़ ज़मीन में सोयाबीन की फसल बोई थी, जो बारिश के अभाव में पूरी तरह से खराब हो गई। अनुमान के मुताबिक फसल की कीमत करीब ₹7 लाख बनती थी, लेकिन मिला सिर्फ ₹1274 यह तो अन्याय है, भरोसे के साथ मज़ाक है।

फसल बीमा योजना का गणित आखिर होता क्या है?

PM Fasal Bima Yojana

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और व्यावसायिक फसलों के लिए 4% प्रीमियम लिया जाता है। बाकी प्रीमियम सरकार खुद चुकाती है। किसान fasalbima.gov.in या मोबाइल ऐप पर जाकर बीमा कैलकुलेटर के जरिए यह जान सकते हैं कि उन्हें कितनी प्रीमियम भरनी है और संभावित मुआवज़ा कितना हो सकता है।

अब सवाल आता है कि मुआवज़ा तय कैसे होता है? दरअसल, इसमें पिछले पांच सालों के सर्वश्रेष्ठ सात सीज़न की फसल का औसत निकाला जाता है। इसे “थ्रेशोल्ड यील्ड” कहते हैं। अगर आपकी असली उपज इससे कम निकलती है, तो उस अंतर के आधार पर प्रति हेक्टेयर राशि तय होती है। जैसे अगर थ्रेशोल्ड 2240 किग्रा है और आपकी फसल 3000 किग्रा प्रति हेक्टेयर रही, तो आपको कोई मुआवज़ा नहीं मिलेगा। लेकिन अगर आपकी फसल इससे कम हुई है, तो उस अनुपात में बीमा राशि दी जाती है।

फॉर्मूला इस तरह काम करता है:

(2240-3000) ÷ 2240 × बीमा राशि = मुआवज़ा राशि

उदाहरण के तौर पर अगर बीमा राशि ₹20,000 प्रति हेक्टेयर है, तो उपरोक्त गणना के अनुसार आपको ₹6785 प्रति हेक्टेयर मिलना चाहिए। लेकिन अगर आपको इससे भी कम मिल रहा है, तो अब समय है अपनी आवाज़ उठाने का।

अगर कम मुआवज़ा मिला है तो शिकायत करें यहां

अगर आपको लगता है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आपके साथ अन्याय हुआ है और आपको उचित मुआवज़ा नहीं मिला है, तो बिल्कुल चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए विशेष सुविधा दी है। आप टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने नज़दीकी कृषि केंद्र या बीमा कंपनी के कार्यालय जाकर भी आप अपनी समस्या दर्ज करवा सकते हैं।

सरकार का दावा है कि किसानों की हर समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और निष्पक्ष समाधान प्रदान किया जाएगा। इसलिए चुप न रहें अपना हक़ जानें और आवाज़ उठाएं।

किसान का अधिकार, सम्मान से जुड़ा सवाल

PM Fasal Bima Yojana

बीमा योजना का उद्देश्य ही यही है कि संकट के समय किसान को राहत मिले, उसका आत्मविश्वास बना रहे और उसे दोबारा खड़े होने की ताकत मिले। लेकिन अगर योजना से मिलने वाली राहत खुद ही परेशान करने लगे, तो सवाल पूछना किसान का हक बनता है। सरकार और बीमा कंपनियों को यह समझना होगा कि ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि किसी किसान की मेहनत, उम्मीद और उसके परिवार का भविष्य हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना की शर्तें, नियम और मुआवज़ा प्रक्रिया समय और स्थान के अनुसार बदल सकती हैं। कृपया आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय कृषि केंद्र से पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई निर्णय लें।

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