Air India Crash 2025: एक स्विच, एक चूक… और 260 जिंदगियां हमेशा के लिए चली गईं

Written by: Nitin

Published on:

Follow Us
Join Our WhatsApp Group

Air India Crash: जब कोई विमान हादसे का शिकार होता है, तो वह केवल एक तकनीकी त्रासदी नहीं होती, बल्कि दर्जनों परिवारों का भविष्य, उम्मीदें और सपने उस मलबे के साथ हमेशा के लिए दफन हो जाते हैं। ठीक ऐसा ही 12 जून 2025 को हुआ, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया। इस भयानक हादसे में 260 से अधिक लोगों की जान चली गई, और अब जांच में जो खुलासे हो रहे हैं, वे हर किसी को अंदर तक झकझोर रहे हैं।

कॉकपिट से आई आवाज़ और एक अनजाना सच

Air India Crash

इस हादसे से जुड़ी सबसे चौंकाने वाली जानकारी हाल ही में सामने आई, जब कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग (CVR) से यह पता चला कि टेक-ऑफ के वक्त पायलटों के बीच ऐसा संवाद हुआ, जो इस हादसे की दिशा को ही बदल देता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फर्स्ट ऑफिसर ने कप्तान से सवाल किया कि उन्होंने फ्यूल स्विच को ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ क्यों कर दिया। यह स्विच बंद करते ही इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो जाता है, जिससे वे काम करना बंद कर देते हैं।

AAIB की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की चिंता

12 जुलाई को एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की ओर से जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में भी यही उल्लेख हुआ है कि एक पायलट द्वारा दूसरे पायलट से फ्यूल सप्लाई काटने पर सवाल किया गया था। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह आदेश किस पायलट ने दिया। विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर चला रहे थे, जिनके पास क्रमशः 15,638 और 3,403 घंटे की उड़ान का अनुभव था।

इंजन बंद होने के पीछे तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय चूक?

रिपोर्ट से पता चलता है कि टेक-ऑफ के चंद सेकंड बाद ही दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद कर दिए गए थे, जिससे विमान की शक्ति खत्म हो गई। इसके कुछ समय बाद ही पायलटों ने स्विच दोबारा ‘RUN’ पर सेट किए और इंजन शुरू करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान केवल 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सका और फिर वह तेजी से नीचे गिरने लगा। टकराव के समय विमान पास की एक मेडिकल बिल्डिंग से जा भिड़ा, जिससे 241 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, और जमीन पर मौजूद 19 लोग भी इस हादसे की भेंट चढ़ गए।

क्या यह हादसा रोका जा सकता था?

इस हादसे ने फिर से इस सवाल को जन्म दे दिया है कि क्या आधुनिक विमानों में केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग ही पर्याप्त है, या क्या कॉकपिट वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य होनी चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस विमान में कॉकपिट कैमरा होता, तो यह साफ तौर पर देखा जा सकता था कि किसने, कब और क्यों स्विच बदला।

मीडिया रिपोर्टिंग और अधिकारिक नाराज़गी

17 जुलाई को AAIB ने कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसियों पर आरोप लगाया कि वे अधूरी और अपुष्ट जानकारी के आधार पर अपने निष्कर्ष निकाल रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि जांच अभी भी चल रही है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट आने में लगभग एक साल का समय लग सकता है। यह बात भी स्पष्ट की गई कि अब तक बोइंग या इंजन निर्माता GE पर किसी तरह की तकनीकी लापरवाही सिद्ध नहीं हुई है।

दिलों को तोड़ देने वाली एक चूक

Air India Crash

यह हादसा न सिर्फ एक तकनीकी जांच का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एक छोटी सी मानवीय भूल कैसे सैकड़ों जिंदगियों को एक पल में लील सकती है। एक छोटा सा स्विच, एक पल की चूक, और पूरा देश शोक में डूब जाता है। जब भी कोई यात्री फ्लाइट में बैठता है, वह केवल एक टिकट नहीं लेता, बल्कि अपने जीवन की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उस कॉकपिट में बैठे लोगों को सौंप देता है। और जब वही सुरक्षा एक चूक की भेंट चढ़ जाए, तो यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय त्रासदी बन जाता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न विश्वसनीय मीडिया स्रोतों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और हादसे की असली वजहों की पुष्टि AAIB की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। हमारा उद्देश्य केवल सूचना साझा करना है, किसी प्रकार का निष्कर्ष निकालना नहीं।

Also Read:

अब PF Transfer होगा पूरी तरह ऑटोमैटिक: नौकरी बदलना हुआ बेहद आसान और तनाव मुक्त

Gandhi Jayanti पर पढ़ाई का सुनहरा तोहफा: कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना

Jio का ₹175 प्लान: कम खर्च में हर सुविधा का पूरा पैकेज

For Feedback - pjha62507@gmail.com